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महाकाल भक्त शायरी | महाकाल शायरी हिन्दी मे

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जय श्री महाकाल | महाकाल शायरी हिन्दी मे

चीलम और चरस के नाम से मत कर बदनाम ऐ दोस्त ! महादेव को इतिहास उठा के देख ले महाकाल ने जहर पिया था गांजा चरस नहीं । जय महांकाल ।

महाँकाल के भक्तो की खैरियत मत पुछो प्यारो येतो
अपनी ही मौजमे रहते हे पल पल प्रेम आँसु
पिया करते है हर लम्हा महाकाल के चरणो में जिया करते है

मुकद्दर क्या होता है,
ये तो मुझे मालुम नहीं।
पर ‘तू’ सबकी सुनता है,
ये खबर पक्की है।।

दामन फैलाये बैठे हैं अल्फाज कुछ याद नहीं मांगु तो अब क्या मांगु महाकाल तेरे सिवा कुछ याद नहीं जय श्री महाकाल

महाकाल तेरा नाम लेते-लेते एक नया इतिहास बनायेंगे
जो भी देखेंगा हमे
वो यही कहेंगा
हम महाकाल की शरण में जायेंगे
जय श्री महाकाल

आता हूँ महाकाल दर पे तेरे,
अपना सर झुकाने को सौ जन्म भी कम है भोले,
एहसान तेरा चुकाने को

जय शिव दिल के अरमान को,
पूरा करता है महाकाल नहीं कुछ बाकी रखता,
सब कुछ तो दे देता है महाकाल गांजे में गंगा बसी चिलम में चार धाम

जटा जुट चंद्र लेख
शीश सोहे गंग धार बाजत कर डमरू नाद
तांडव संतत विहाल
कला नाथ आशुतोष
काटो दुःख महाकाल
हर हर महादेव

महाकाल नाम की चाबी ऐसी जो हर ताले को खोले
काम बनेंगें उसके सारे जो
“जय श्री महाकाल” जी बोले ॥
जय श्री महाकाल

आंधी तुफान से वो डरते है जिनके मन मेँ प्राण बसते हैँ
जिनके मन मे महाकाल बसते हैँ
वो मौत देखकर भी हँसते हैँ

महाकाल तेरी मेरी प्रीत पुरानी,
शक की ना गुंजाइश है
रखना हमेशा चरणों में ही
छोटी सी ये फरमाइश है !!

ना था कोइ हमारा ना हम किसी के हैं
बस एक महाकाल है और हम उसी के हैं
महाकाल

मौत का डर उनको लगता है,
जिनके कर्मों में दाग है
हम तो महाकाल के भक्त हैं,
हमारे तो खुन में भी आग है

काल की आँखो में आँखे डाल के वही देख सकता है,
जिसकी निगाहो मै महाकाल बसते है

महाकाल तेरा नाम लेते लेते एक नया
इतिहास बनायेंगे जो भी देखेगा हमे वो
ये ही कहेगा कि हम भी महाकाल की शरण मे जांयेगे
जय महाकाल

ना महीनों की गिनती ना सालों का हिसाब है
मोहबत आज भी महाकाल आपसे बेहिसाब है
ॐ नमः शिवाय
जय श्री महाकाल

।।भोलेसरकार।।
ये दिल तुम्हे इतनी शिद्दत से चाहता क्यूँ हैं महाकाल
हर दुआ में तेरा हीं नाम आता क्यूँ हैं महाकाल

लोग कहते हे क़ि मै बावली हूँ पर वह क्या जाने मै तो मेरे महाँकाल की लाड़ली हूँ ।
।।जय श्री महाँकाल।।

कर्ता करे न सकै,
शिव करै सो होय।
तीन लोक नौ खंड में,
महाकाल से बडा न कोय।।
हर-हर महादेव

महाँकाल के भक्तो की खैरियत मत पुछो प्यारो
ये तो अपनी ही मौज मे रहते हे
पल पल प्रेम आँसु पिया करते है
हर लम्हा महाकाल के चरणो में जिया करते है

ना गिन के दिया ना तोल के दिया,
मेरे महाकाल ने जिसे भी दिया दिल खोल के दिया
।। ऊँ नम: शिवाय ।।

मेने तड़प कर कहा बहुत याद आते हो तुम महाकाल !
वो मुश्कुरा कर बोले और तुम्हें आता भी क्या हैं !!
जय श्री महाकाल

वह अकेले ही पुरी दुनिया में मुर्दे कि भस्म से नहाते है !
ऐसे ही नहीं वो कालो के काल महाकाल कहलाते है !

दरबार में महाकाल के दुःख दर्द मिटाये जाते हैं।। .
दुनिया के सताए लोग यहाँ सीने से लगाए जाते हैं।।
हर हर महादेव

अकाल मृत्यु वो मरे जो काम करे चांडाल का ।
काल भी उसका क्या करे जो भक्त हो महाकाल का ।।

हिन्दूगिरी के बादशाह हैं हम
तलवार हमारी रानी है
दादागिरी तो करते ही है
बाकी महाकाल की मेहरबानी है!!

मन्दिर के बाहर खड़े भक्त से महाकाल कहते हैं
बेझिझक भीतर चले आईये
“पाप” करके आप थक गये होंगे
मगर
“माफ़” करके मैं नहीं थका!!

ना महीनों की गिनती ना सालों का हिसाब है
मोहब्बत आज भी महाकाल से
बेइंतहा बेहिसाब है.
जय महाकाल

मेरी महाकाल सरकार
लौट आया हु फिर शायरो की बस्ती मे !
अब कहो दिल का दर्द सुनाऊँ या तेरी यादो की खुशबु फैलाऊँ !!

सबसे बडा तेरा दरबार हे
तुं ही सब का पालनहार हे
सजा दे या करदे क्षमा
महाकाल तुं ही हम सभी भक्तों का प्यार है
जय श्री महाकाल

जिंदगी थी झंड हम थे थोड़े भंड शरण
लिया जो महाकाल का हर इक पल हुआ है
प्रचंड! महाकाल

चिंता नहीं हैं काल की
बस कृपा बनी रहे मेरे महाकाल की
जय महाकाल

ना पूछो मुझसे मेरी पहचान मैं तो भस्मधारी हूँ।
भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ।।

महाकाल वो हस्ती है
जिससे मिलने को दुनिया तरसती है
और हम ऊसी महफिल मे बैठते है
जहाँ महाकाल की महफिल सजती है!

महाँकाल के भक्तो की खैरियत मत पुछो प्यारो
ये तो अपनी ही मौजमे रहते हे
पल पल प्रेम आँसु पिया करते है
हर लम्हा महाकाल के चरणो में जिया करते है

थोड़ी सी माफी उधार दे दे ए महाकाल जानता हूं
कोशिश चाहे कितनी भी कर लूँ मगर गुनाह मुझसे होते ही रहेंगे

तुम उसका क्या उखाड़ोगे बे
वो महाकाल का भक्त है और महाकाल अपने भक्तों का हाथ कभी नही छोड़ते
नमो

जय बोलने से मन को शांति मिलती है
श्री बोलने से शक्ति मिलती है
महाकाल बोलने से पापो से मुक्ति मिलती है
“जय श्री महाकाल”

राम उसका रावण भी उसका
जीवन उसका मरण भी उसका
तांडव है और ध्यान भी वो है
अज्ञानी का ज्ञान भी वो है
जय शंकर ।।महाकाल।। शिव शंभू

ना गिन के दिया ना तोल के दिया
मेरे महाकाल ने जिसे भी दिया दिल खोल के दिया
।। ऊँ नम : शिवाय ।।

जख्म भी भर जायेगे
चेहरे भी बदल जायेगे
तू करना याद महाँकाल को तुझे दिल आैर दिमाग मे सिर्फ आैर सिर्फ महाकाल नजर आयेगे
जय भोले

किसी ने कहा लोहा हैं हम किसी ने
कहा
फौलाद हैं हम वहां भाग दौड मच
गई जब हमने कहा महाकाल के भक्त हैं हम !

लोग पूछते हैं कौन सी दुनिया में जीते हो
हमने भी कह दिया महाकाल की भक्ति में दुनिया कहाँ नजर आती हैं
जय महाकाल

जब मन ईश्वर भक्ति में रम जाता है
तो हमे हर जगह में वो ही नजर आता है।
महाकाल

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Comments (9)

  • Jai kaalo k kaal mahaakal

    Reply
  • *किसी भी मोड़ पर अगर*
    *मै बुरा लगूं….*

    *तो ज़माने को बताने से पहले*
    *एक बार मुझे जरूर बता देना ,*

    *क्योंकि बदलना मुझे है ,* *ज़माने को नहीं .*

    *जो दूसरों को इज़्ज़त देता है*
    *असल में वो खुद इज़्ज़तदार होता है*
    *क्योकि*
    *इंसान दूसरो को वही दे पाता है*
    *जो उसके पास होता है।*

    *घमंड से अपना सर ऊँचा न करें*

    *जीतने वाले भी अपना गोल्ड मैडल सिर झुका के हासिल करते हैं…*

    . . . . . जय महाकाल. . . . . . .

    . . . ठाकुर जितेन्द्रर राजपूत. .
    *सुप्रभात*
    *आपका दिन मंगलमय हो*

    Reply
  • *”जिंदगी की सचाई”*

    *एक रस्सी है जिसका एक सिरा*
    *ख्वाहिशों ने पकड़ रखा है,*
    *और दूसरा औकात ने,*
    *इसी खींचातानी का नाम*
    *”जिंदगी” है……!*

    *”लोग चाहते हैं कि आप बेहतर करें,*
    *लेकिन ये भी सत्य है कि*
    *वो कभी नहीं चाहते कि आप उनसे* *बेहतर करें !!!*

    *जीवन का बहुत सीधा सा परिचय है,*
    *आँसू वास्तविक है…और मुस्कान में अभिनय है !*

    जय महाकाल

    ठाकुर जितेन्द्र राजपूत . *सुप्रभात*

    Reply
  • बहुत जोरदार जय श्री महाकाल

    Reply
  • Great thoughts
    jai shri mahakal

    Reply

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